HAPPY MOTHER`S DAY "माँ"
आज मैं आपके सामने वह विषय लेकर खड़ा हूँ, जो शब्दों से नहीं, भावनाओं से जुड़ा है — और वह है "माँ"।
साथियों,
माँ सिर्फ एक शब्द नहीं, एक पूरी दुनिया है।
वो पहला शब्द जो बच्चा बोलना सीखता है — "माँ"।
वो पहली उंगली जिसे पकड़कर हम चलना सीखते हैं — "माँ की"।
वो पहला चेहरा जो हमारी हर तकलीफ को बिना कहे समझ जाता है — "माँ का"।
जब हम गिरते हैं, माँ उठाती है।
जब हम रोते हैं, माँ हँसाती है।
जब पूरी दुनिया हमें छोड़ दे, तो भी एक इंसान होता है जो हमेशा हमारे साथ खड़ा रहता है — और वह है माँ।
माँ के बिना घर, घर नहीं होता — वह मंदिर बन जाता है जब उसमें माँ का आशीर्वाद होता है।
साथियों,
हम चाहे कितने भी बड़े हो जाएँ, माँ के सामने हमेशा बच्चे ही रहते हैं। वह कभी थकती नहीं, कभी शिकायत नहीं करती, बस हर पल हमारे लिए जीती है।
आज मैं उन सभी माताओं को नमन करता हूँ —
जिन्होंने हमें जन्म दिया,
संस्कार दिए,
और बिना किसी स्वार्थ के हर कदम पर हमारा साथ दिया।
आइए, आज हम सब ये वादा करें:
कि हम अपनी माँ की इज्जत करेंगे,
उनके त्याग को समझेंगे,
और हमेशा उन्हें गर्व महसूस कराएँगे।
क्योंकि जैसा किसी ने कहा है —
🌼 "ईश्वर हर जगह नहीं हो सकता, इसीलिए उसने माँ बनाई है।" 🌼
धन्यवाद।
जय हिंद।
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